नृसिंह लीला का प्रश्नोत्रि श्रीमद भागवतम कांड ७ अध्याय १ भाग १ Please enter your email: 1. परीक्षित महाराज को भगवान के पक्षपाती होने पर कुछ संदेह क्यों हुआ? क्योंकि कृष्ण ने देवताओं का साथ देकर, दैत्यों के साथ शत्रु के भांति आचरण किया क्योंकि कृष्ण दैत्यों से ईर्षापूर्ण थे की वे उनकी पूजा नही करते क्योंकि भक्त उनकी पूजा करते है इसलिए कृष्ण उनके तरफ पक्षपात करते हैं क्योंकि कृष्ण में भी द्वैत है तो उन्हें एक ओर पक्ष लेना पड़ता है श्रीमद भागवतम ७.१.१ का तात्पर्य पढ़ें 2. जब हमें कृष्ण में पक्षपात दिखता है, तो यह दृष्टि उनके बहिरंगा शक्ति के कारण होती है। योगमाया शक्ति बहिरंगा शक्ति तठस्थ शक्ति ऊपर दिए गए सभी विकल्प श्रीमद भागवतम ७.१.२ का तात्पर्य पढ़ें 3. श्रील प्रभुपाद यह क्यों कहते हैं कि ईर्षा तथा मैत्री भाव का उदय उनमें होता है जो अपूर्ण हैं? ( आप एक से अधिक विकल्प का चुनाव कर सकते हैं) क्योंकि हमे अपने शत्रुओं का भय रहता है कि वे हमे हानि न पहुंचा दें क्योंकि इस भौतिक जगत में हमे अपने मित्रों से सहायता की आव्यशकता बनी रहती है क्योंकि जो आत्मरामा हैं, उन्हें न तो सहायता की जरूरत है और न उन्हें कोई भय होता है श्रीमद भागवतम ७.१.२ का तात्पर्य पढ़ें 4. भगवान् द्वारा दंड और वरदान दोनो एक समान क्यों हैं? (सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) क्योंकि भगवान परम हैं क्योंकि भगवान के दिव्यगुणों का वर्णन एक सा है क्योंकि भगवान द्वैतो से परे हैं ऊपर दिए गए सभी विकल्प सही हैं श्रीमद भागवतम ७.१.३ का तात्पर्य पढ़ें Loading …